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विकास दुबे ए’नकाउंटर मामला अगर कोर्ट पहुंचा तो पुलिस के पास हैं ये रास्ते, साबित हो जाएगा ए’नकाउंटर सही था

कानपुर का हि’स्ट्रीशीटर और गोली’कांड का मुख्य आ’रोपी विकास दुबे का मुठ’भेड़ के दौरान एन’काउंटर हो गया. जिसके बाद से कई सवाल उठ रहे है. वही विकास दुबे की मौ’त के बाद सबसे बड़ा सवाल ये है उनके मददगार कौन थे जिन्होंने उसे कानपुर से फरीदाबाद और फरीदाबाद से उज्जैन तक पहुँचने में मदद की? साथ ही सवाल ये भी उठता ही कि जब विकास दुबे ने खुद चिल्ला चिल्ला कर लोगो को बताया कि मैं विकास दुबे हूँ कानपुर वाला. तो उसे अपने क्षेत्र में पहुँचते ही भागने की क्या जरूरत थी?

जाहिर है सवाल कई है जिनके जवाब जल्द मिले ताकि विकास दुबे से जुड़े कई और राज खुल सके. वही UP पुलिस को विकास दुबे के एन’काउंटर से जुडी रि’पोर्ट देने और सवालों के जवाब कोर्ट में देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जो एक UP पुलिस के लिए बड़ी रा’हत हो सकती है. क्योंकि विकास दुबे न्या’यिक हि’रासत में नहीं था और ना ही मध्य प्रदेश पुलिस ने अधिकारिक तौर पर उसे गिर’फ्तार किया था. इसके अलावा जानकारों के अनुसार यदि कोई अप’राधी न्या’यिक हि’रासत में हो और इस दौरान उसके साथ कोई अन’होनी हो जाए या वो एन’काउंटर में मा’रा जाए तो ऐसे हालात में संबंधित जिले की पुलिस को कोर्ट को पूरे मामले की रि’पोर्ट देनी पड़ती है.

चूँकि विकास दुबे को दोनों ही राज्यों की पुलिस ने दुबे को न्या’यिक हि’रासत में नहीं लिया था. जिसकी वजह से इस मामले पर अब पुलिस को कोर्ट में रिपोर्ट देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. गौरतलब है विकास दुबे ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने उसे रोका लेकिन नहीं माना और पुलिस पर गो’ली चलायी और जवाबी कार्यवाई में विकास दुबे को गो’ली लगी. हालाँकि पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ उसे मृ’त घो’षित कर दिया गया.

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