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तो क्या ये है तीसरे विश्व युद्ध का इशारा?

तीसरा विश्व युद्ध होने को है! कम से कम सभी भविष्यवाणियां तो यही कह रही हैं. उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच अजीब सी स्थिती बन गई है. हर रोज कोई नया बवाल. अब नॉर्थ कोरिया की तरफ से ये बयान आया है कि वो अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर पर हमला करने को तैयार है. अब अमेरिका के खिलाफ बयान देना तो उत्तर कोरिया के साप्ताहिक कार्यक्रमों में शामिल है! फिर भी एक बात ऐसी भी है जिसपर गौर करना जरूरी है…

तीसरे विश्व युद्ध की तारीख तय!

कुछ दिनों पहले एक भविष्यवाणी हुई थी जिसमें ये कहा गया था कि तीसरा विश्व युद्ध 13 मई 2017 से शुरू होगा. ये भविष्यवाणी ‘मैसेंजर ऑफ गॉड’ ने की है. जी नहीं, बाबा राम रहीम की बात नहीं हो रही, बल्कि अमेरिका के MSG की बात की जा रही है जो पहले ये भविष्यवाणी कर चुके हैं कि ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति बनेंगे. क्लैयरवोयेंट हॉरेसियो ने पहले भी कई भविष्यवाणियां की हैं और सच भी हुई हैं. कुछ दिन पहले तीसरे विश्वयुद्ध के बारे में भी उन्होंने अपनी भविष्यवाणी कर ही दी.

हॉरेसियो ने ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से लेकर अमेरिका सीरिया पर हमला करेगा इस बात तक कई सारी भविष्यवाणियां की हैं.

नास्त्रेदमस भी कर चुके हैं ऐसी भविष्यवाणी…

सिर्फ हॉरेसियो ने ही नहीं बल्कि नास्त्रेदमस ने भी ऐसी ही एक भविष्यवाणी की थी जिसे तीसरे विश्व युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा है. ऐसा 2017-2018 की राजनैतिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए कहा जा रहा है.

भविष्यवाणी थी…

इसका मतलब कुछ ऐसा कहा जा रहा है कि लड़ाई रात में शुरू होगी और विक्ट्री इन ड्रिजल से मतलब न्यूक्लियर बारिश से जोड़ा जा सकता है. इसके अलावा, नेवल बैटल का मतलब नाविकों से हो सकता है.

भविष्यवाणियों को और हालिया राजनैतिक दबाव को देखें तो ये कहना मुश्किल नहीं होगा कि युद्ध के हालात बनते जा रहे हैं. इस बार का युद्ध ज्यादा खतरनाक होगा. कारण ये है कि अब कई देशों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं. मार्च में ही नॉर्थ कोरिया ने 4 बैलिस्टिक मिसाइलों का परिक्षण किया था. कहा भी गया था कि मिसाइल इतनी ताकतवर है कि अमेरिका तक पहुंच सकती है.

सिर्फ नॉर्थ कोरिया ही नहीं अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इसराइल, फ्रांस और ब्रिटेन के पास भी न्यूक्लियर हथियार हैं.

अगर होता है तीसरा विश्व युद्ध तो?

अगर तीसरा विश्व युद्ध होता है तो क्या हो सकता है इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल नहीं होगा. एक तरफ है रूस और अमेरिका और एक तरफ है नॉर्थ कोरिया और अमेरिका. तीसरा आतंकवाद से परेशान फ्रांस और भारत. अगर सभी राजनैतिक समीकरणों को देखें तो ट्रंप जिस तरह से ऑर्डर पास कर रहे हैं अन्य देश उनसे खफा से लग रहे हैं. अब युद्ध हो या ना हो, लेकिन दबाव तो बनता ही रहेगा.

1. अगर युद्ध होता है तो इसकी उम्मीद बहुत है कि न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल किया जाए. हाल ही में अमेरिका अफगानिस्तान पर MOAB गिरा ही चुका है. ऐसे में अगर बहुत संभव है कि ट्रंप न्यूक्लियर कोड्स का इस्तेमाल कर लें.

2. दूसरा है नॉर्थ कोरिया, जो आए दिन ऐसे बयान दे रहा है और अमेरिका को निशाना बनाए हुए है. हाल ही में दिए गए एक और स्टेटमेंट में कोरिया ने कहा है कि अब उन्हें अमेरिका से डरने की जरूरत नहीं है, अब उनके पास भी न्यूक्लियर हथियार हैं. इतना मतलब अपने हथियार इस्तेमाल करने से कोरिया भी पीछे नहीं हटेगा.

3. तीसरा आता है रूस जो कि इस समय सबसे बड़ी परमाणु ताकत है. सबसे ज्यादा न्यूक्लियर हथियारों के साथ रूस एक ऐसा देश है जो तीसरे विश्व युद्ध में सबसे शक्तिशाली साबित होगा. फेड्रेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट की रिसर्च के अनुसार रूस के पास 7300 न्यूक्लियर हथियार हैं. इनमें से 1790 काम करने लायक हालत में हैं. 4490 रिटायर हो चुके हैं. रूस ने 715 टेस्ट किए हैं. 1949 में पहला टेस्ट हुआ था और सबसे नजदीकी टेस्ट 1990 में हुआ था.

अब इन सब समीकरणों को साथ देखें तो तीसरा विश्व युद्ध यकीनन बहुत विनाशकारी साबित होगा. अगर ये युद्ध होता है तो हिरोशिमा और नागासाकी जैसे सिर्फ दो नहीं बल्कि हजारों शहर होंगे. सभी के लिए ये स्थिति घातक साबित होगी.

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