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घुमने का मन हुआ तो अमित शाह के नकली सिग्नेचर वाला कर्फ्यू पास बना लिया, पोल खुली तो देखिये क्या हुआ

लॉकडाउन की वजह से लोग लम्बे समय से घर में हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए ही सरकार ने लॉकडाउन लगाया है. लेकिन कई सनकी लोग ऐसे हैं जो ऐसे खतरनाक माहौल में भी घर नहीं बैठ पा रहे. सूरत के एक रियल एस्टेट ब्रोकर को घूमने की तलब जगी और उसने कुछ ऐसा कर दिया जीकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी.

सूरत के रहने वाले 33 साल के एक रियल एस्टेट ब्रोकर राजेश पटेल की हिम्मत देखिये. उसे लॉकडाउन में घूमने का मन हुआ तो उसने गृह मंत्री अमित शाह के नकली सिग्नेचर बनवा लिया. फिर एक लेटर पर अमित शाह के नकली साइन को मार कर वो अपने दो दोस्तों के साथ सूरत से मुंबई पहुँच गया. लेकिन वापस सूरत लौटते वक़्त उसकी पोल खुल गई. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में उसने बताया कि उसे ऐसा करने का सुझाव उसके दोस्तों ने फोन पर दिया था. उसे लगा कि गुजरात तो अमित शाह का गृह राज्य है इसलिए नकली चिट्ठी देख कर भी कोई शक नहीं करेगा. राजेश पटेल ने अमित शाह के नकली सिग्नेचर वाले चिट्ठी की मदद से मुंबई सूरत हाइवे पर पड़ने वाले भिलाड, दमनगंगा और भगवाडा जैसे बड़े चेकपोस्ट पार कर लिए लेकिन वलसाड में वाघलधारा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया.

चिट्ठी में राजेश पटेल को फार्मास्युटिकल बिजनसमैन बताया गया था जिसमें लिखा था, ‘यह सूचित करने के लिए पत्र लिखा गया है कि राजेशकुमार गोविंदभाई पटेल को दवाइयों और फार्मास्युटिकल काम के लिए पूरे देश में यात्रा करनी होगी और वे कोविड-19 को लेकर एहतियात बरतते हुए अपना काम कर सकते हैं.’ चिट्ठी के नीचे अमित शाह के नकली हस्ताक्षर थे.

जब वाघलधारा चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी ने ओरिजिनल चिट्ठी मांगी तो वो घबरा गया और उसकी पोल खुल गई. तीनों को पकड़कर डुंगरी पुलिस थाने लाया गया जहां पूछताछ के दौरान उसने सच बताया. राजेश पटेल के खिलाफ जालसाजी, आपराधिक साजिश और सरकारी नियम का उल्लंघन करने के तहत मामला दर्ज हुआ.

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