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ये है 5 ऐसे बल्लेबाज, जिन्होंने वनडे क्रिकेट में मध्यक्रम पर खेलते हुए बनाये सबसे अधिक रन

क्रिकेट में जितना अहम किरदार बल्लेबाजों का होता है, उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मध्यक्रम के बल्लेबाजों की भी होती है. सलामी बल्लेबाज जहाँ मैच की शुरुआत करते है, तो मध्यक्रम के बल्लेबाजों के ऊपर मैच को अंत तक ले जाने का कार्यभार और दबाव रहता है.आज आपको बताएँगे क्रिकेट में मध्यक्रम पर खेलते हुए विश्व के उन 5 सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज के बारे में.

मध्यक्रम के बल्लेबाज ही होते हैं जो या तो मैच जीता सकते हैं, या फिर मैच हरा सकते है. यह सब उनके मैच में चलने व न चलने पर निर्भर होता है. क्रिकेट के इतिहास में ऐसा बहुत बार देखने को मिला है, जब हारे हुए मुकाबलें को मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अपने दम पर जीताया है. 2011 के फाइनल में एमएस धोनी, 2019 के फाइनल में बेन स्टोक्स और 1996 के फाइनल में अरविंदा डी सिल्वा की पारियां इसका सबसे बड़ा सबूत भी है.

अरविंदा डी सिल्वा श्रीलंका के पूर्व कप्तान व पूर्व प्लेयर थे. ये ऐसे क्रिकेटर थे जिन्होंने इंग्लिश काउंटी भी खेला था. इनको श्रीलंका के महान बल्लेबाजों में गिना जाता है. इनको श्रीलंका में ऐसा ही दर्जा दिया जाता है जैसा कि हमारे देश में सचिन तेंदुलकर को मिलता है. श्रीलंकाई टीम को सन 1996 विश्व कप जीताने में अरविंद डी सिल्वा का बहुत बड़ा हाथ रहा था.

युवराज सिंह का नाम सुनते ही जो उनके क्रिकेट जीवन का एक वाक्या सामने आता है जब उन्होंने 2007 में हुए टी-20 विश्व कप में कैसे एक के बाद एक छह छक्के जड़कर भारत जीत दिलाई थी. युवराज को भारतीय क्रिकेट टीम में युवी के नाम से भी बुलाया जाता है. उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ सभी फार्मेट खेले थे. युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रुप में मध्यक्रम में खेलते थे. ये बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे. इन्होंने मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हुए 13 शतक और 37 अर्द्धशतक लगाए थे.

इंजमाम उल हक वह 2003–2007 से पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे. एक शानदार बल्लेबाज होने के साथ-साथ वह कभी-कभार बाएं हाथ से स्पिंन गेदबाजी भी करते थे. पाकिस्तान को सन 1992 का विश्व कप जीताने में इंजमाम उल हक का बड़ा हाथ रहा था.  मध्यक्रम में इंजमाम ने पाकिस्तान के लिए छह शतक और 65 अर्धशतक भी जमाए.

सूची में सबसे अगला नाम टीम इंडिया के महेंद्र सिंह धोनी का आता है. धोनी की अगुवाई में ही देश ने 2007 का ट्वेंटी-20 विश्व कप, 2011 आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप और साल 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. मध्यक्रम में धोनी के नाम पर आठ शतक और 66 अर्द्धशतक भी दर्ज है. इन आठ शतकों में से पांच शतक जीते हुए मैच में, जबकि 66 में 38 अर्द्धशतक जीते हुए मुकाबलों में आये है.

इस सूची में सबसे अगला नाम श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने का आता है. महेला जयवर्धने की कप्तानी में ही श्रीलंका ने साल 2007 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफ़र तय किया था. महेला जयवर्धने ने मध्यक्रम में 336 पारियां खेली, जिस दौरान उनके बल्ले से 32.44 की औसत और 77.36 की स्ट्राइक रेट से के साथ 9896 रन आये. उनके 12 शतक और 64 अर्द्धशतक हैं, जिनमें से 9 और 36 में जीत मिली है.



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