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नए साल में जोश भर देगी खिलाड़ियों की ये बातें, उमंग से भर जाएगा मन

खट्टी-मीठी यादों के साथ साल 2019 कुछ ही पलों में खत्म हो जायेगा. ये सिर्फ एक साल का ही अंत नहीं हैं बल्कि विदाई थी पूरे एक दशक की. नया दिन, नई उमंग, नई ऊर्जा के साथ नई सोच भी लेकर आया है, लाया है अहसास नई शुरुआत का. आज हम आपको बताएँगे खिलाड़ियों की ये बातें, जो नए साल में जोश भर देगी उमंग से भर जाएगा मन. आइये जानते हैं किस खिलाड़ी ने क्या कहा.

‘विराट कोहली : ‘बल्ला कोई खिलौना नहीं है, यह एक हथियार है’, यह मुझे जीवन में सब कुछ देता है, जो मुझे मैदान पर सब कुछ करने में मदद करता है.’ यह भारतीय कप्तान किसी पहचान का मोहताज नहीं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की. ‘राहुल द्रविड़ : ‘असफलता कमजोरी की निशानी नहीं है मैंने महान लोगों को अपनी असफलताओं के बाद ही बेहतर बनते देखा है.’ भारतीय क्रिकेट की ‘दीवार’ और ‘श्रीमान भरोसेमंद’ के नाम से विख्यात राहुल द्रविड़ आज अपनी सोच और नैसर्गिक प्रतिभा के दम पर टीम इंडिया की नई पौध खड़ी कर रहे हैं.

‘महेंद्र सिंह धोनी : मैं चाहता हूं कि लोग मुझे एक अच्छे व्यक्ति के रूप में याद करें, न कि एक अच्छे क्रिकेटर के रूप में.’ किसी जमाने में टीम इंडिया में आने वाला हर दूसरा क्रिकेटर मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे महानगरों का होता था. इस परिपाटी को तोड़ा आदिवासी बहुल प्रदेश से आने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने. झारखंड की राजधानी रांची से टिकट कलेक्टर और फिर भारतीय टीम के कप्तान तक का सफर कतई आसान नहीं था, लेकिन अनहोनी को ही होनी करने वाले को धोनी कहते हैं.

दीपा करमाकर : जिंदगी में कुछ हासिल करना चाहते हैं तो आपको रिस्क लेना पड़ेगा. योगेश्वर दत्त : हम बिना डरे बहादुर नहीं बन सकते.’ अभिनव बिंद्रा : ‘मेरे पास केवल एक प्रतिभा है। मैं किसी और से ज्यादा मेहनत कर सकता हूं’. लिएंडर पेस : ‘मैं आज से 10-15 साल पहले जितनी मेहनत करता था उसका तिगुना परिश्रम आज करना पड़ता है। यही उम्र है, लेकिन मुझे अपने काम से इश्क है.’ पीटी उषा : ‘यह मेरे जीवन का एकमात्र काम है और मैंने इसे जारी रखा है, हर दिन-हर रोज!’  एमसी मैरीकॉम : सोना मत खरीदो, इसे हासिल करो.’ माइकल जॉर्डन : ‘मैं अनगिनत बार असफल हुआ इसलिए मैं सफल हूं.’

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