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MSME, कुटिर उद्योग और गृह उद्योग के लिए मोदी सरकार ने खोला खजाना, बिना गारंटी मिलेगा लोन, उठायें फायदा और जमायें अपना बिजनेस

पीएम मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की डिटेल देने के लिए जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कांफ्रेंस करने आईं तो उन्होंने मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योगों के लिए खजाना खोल दिया और राहत की बारिश कर दी. लॉकडाउन ने MSME सेक्टर की कमर बुरी तरह से तोड़ दी थी. इसलिए उम्मीद तो थी कि मोदी सरकार की पोटली में से उनके लिए बहुत कुछ निकलेगा लेकिन इतना कुछ निकलेगा इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी . निर्मला सीतारमण ने जब ऐलान करना शुरू किया तो मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योग सेक्टर के लिए तोहफों की झड़ी लगा दी .

मोदी सरकार ने तो मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योग की परिभाषा ही बदल दी. ये बदलाव मैन्युफैक्चिरिंग और सर्विस, दोनों इडंस्ट्रीज पर लागू होंगे. नई परिभाषा के अनुसार अगर किसी उद्योग में 1 करोड़ तक का निवेश किया गया है और वो 5 करोड़ तक का व्यापार करती है तो उस उद्योग को सूक्ष्म उद्योग की श्रेणी में रखा जाएगा. इसी तरह 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक व्यापार करने वाली इंडस्ट्री लघु और 20 करोड़ तक का निवेश और 100 करोड़ रुपये तक का व्यापार करने वाली इंडस्ट्री मध्यम कहलाएगी.

देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, कुटिर उद्योग और गृह उद्योग मिलकर 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं. इसलिए इस इंडस्ट्री की मदद के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का ऑटोमैटिक लोन का प्रवाधान किया गया है. इसके लिए किसी को अपनी ओर से किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं है. और इसकी समयसीमा चार साल की होगी. 31 अक्टूबर, 2020 से इस स्कीम का फायदा उठाया जा सकता है. इसका फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जो लॉकडाउन की वजह से बंद हो गई.

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