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अभी अभी: विकास दुबे के ड्राइवर और साथी गुड्डन त्रिवेदी को महाराष्ट्र एटीएस ने किया गिरफ्तार, जिसके बाद..

वही हुआ जिसका सबको अंदेशा था, जिसका सब इंतज़ार कर रहे थे. गैं’गस्ट’र विकास दुबे कानपुर का ए’नकाउं’टर हो गया है और वो मा’रा गया. गुरुवार को जब से विकास दुबे की गिरफ्तारी हुई तब से हर जगह यही चर्चा थी कि कहीं विकास का ए’नकाउं’टर न हो जाए.  विकास दुबे को कानपुर ला रही एसटीएफ के काफिले की गाड़ी आज सुबह दु’र्घट’नाग्र’स्त हो गई. हा’दसा कानपुर टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर दूर हुआ. गाड़ी दु’र्घटना’ग्रस्त होने के बाद विकास दुबे भागने लगा. करीब आठ किलोमीटर भागने के बाद पुलिस ने उसका ए’नकाउं’टर कर दिया.

जानकारी के लिए बता दें विकास दुबे के मारे जाने के बाद यूपी के ADG ने साफ़ किया था कि यूपी पुलिस अभी शांत नहीं बैठी है. ये नही है कि विकास के एन’काउं’टर के बाद पुलिस बाकी अन्य नामजद आ’रोपियों को ढूढ़ने में लगी हुई है. जब तक एक एक आरोपी पकड़ में नही आ जाता पुलिस छापेमारी करती रहेगी. अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि बिकरू काण्ड में 21 लोग ना’मजद थे. जिसमें से विकास सहित 6 लोगों का एन’काउं’टर हो चुका है. इसी बीच एक बड़ी खबर विकास के बाकी साथियों को लेकर आ रही है.

दरअसल महाराष्ट्र एटीएस ने कानपुर में मा’रे गये विकास दुबे के 2 साथियों को गिरफ्तार किया है जिसके बाद यूपी पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गयी है. महाराष्ट्र एटीएस को सूचना मिली थी कि उसके लोगों की मुंबई में छिपे होने की खबर है, जिसके बाद ठाणे में छापेमारी की गयी और विकास के साथी अरविंद सिंह उर्फ़ गुड्डन त्रिवेदी और विकास के ड्राईवर सुशील कुमार उर्फ़ सोनू सुरेश तिवारी को गिरफ्तार किया है.

गौरतलब है कि एटीएस के अधिकारियों ने विकास दुबे के साथियों को गिरफ्तार करने के बाद इसकी सूचना दे दी है. अरविंद उर्फ़ गुड्डन त्रिवेदी का कई गैर क़ानूनी कामों में विकास के साथ काम था. इतना ही नहीं 2001 में राज्यमंत्री संतोष शुक्ला ह’त्या’कां’ड केस में भी वह विकास के साथ सह अभियुक्त था.

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