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नेपाली पीएम ओली के भारत विरोधी बयान के बाद उनकी पार्टी में फूट, इस्तीफे की मांग, कुर्सी पर मंडराया खतरा

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही. उनकी कुर्सी अब खतरे में है. अपनी ही पार्टी में उनके लिए समर्थन लगातार कम होता जा रहा है. अब हर तरह से घिरने के बाद ओली ने सारे इल्जाम भारत के माथे पर डाल दिया है. जबकि उनके विरोधी और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड ने कहा है कि अगर अगर ओली इस्तीफ़ा नहीं देंगे तो पार्टी दो हिस्सों में टूट जायेगी.

पिछले दिनों ओली ने भारतीय दूतावास और भारतीय मीडिया पर आरोप लगाते हए कहा था कि उनकी सरकार गिराने की कोशिश भारत कर रहा है. इसपर भड़कते हुए प्रचंड ने कहा कि उनका इस्तीफ़ा भारत ने नहीं बल्कि पार्टी ने और उन्होंने (प्रचंड) ने माँगा है, भारत ने नहीं. उन्होंने कहा कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए ओली भारत पर इल्जाम लगा रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि अगर ओली के पास कोई सबूत है तो पेश करें या फिर पीएम पद और पार्टी में सभी पदों से इस्तीफ़ा दें.

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी के को-चेयरमैन पुष्प कमल दहल और सीनियर नेताओं माधव नेपाल, झला नाथ खनल और बामदेव गौतम ने पीएम ओली के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक पीएम के तौर पर ओली विफल साबित हुए हैं. उनकी नीतियाँ और काम करने का तरीका नेपाल के हित में नहीं है. प्रचंड ने खुलासा किया कि पीएम ओली खुद की कुर्सी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ओली प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए नेपाली सेना का सहारा ले रहे हैं.

दूसरी तरफ ओली के खिलाफ विरोध अब पार्टी से बाहर निकल कर जनता भी करने लगी है. हाल ही में लाये गए नए नागरिकता बिल के खिलाफ अब नेपाल की जनता प्रदर्शन करने लगी है. कई विपक्षी पार्टियाँ भी इस बिल को वापस लेने के लिए ओली पर दवाब बना रही है. ओली ने भारत के खिलाफ चाल चलते हुए ऐलान किया था कि अब विदेशी महिलाओं को 7 सालों बाद नेपाल की नागरिकता मिलेगी और इस दौरान वो सभी मौलिक अधिकारों से वंचित रहेंगी. गौरतलब है कि भारत और नेपाल की कई महिलाओं की शादी बॉर्डर के पार होती है.

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