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गहलोत सरकार पर उठे सवाल, कहा भीलवाड़ा मॉडल का उपयोग पूरे राज्य में क्यूं नहीं कर रही सरकार ?

कोरो’ना वा’यरस आज देश के हर हिस्से में पहुँच चूका है. ये वाय’रस भारत के अंदर इतनी तेजी से नहीं फ़ैल रहा था लेकिन म’र’कज़ के जमा’तियों ने इसे पूरे देश के अंदर हवा की माफिक फैला दिया हैं. कोरो’ना को लेकर केंद्र सरकार पहले से ही चौकनी थी कि कोरो’ना को देश में फैलने से रोकना है. लेकिन जमा’तियों ने अपना जाहिल पाना दिखा कर देश को नुकसान पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं.

वहीँ कोरो’ना से लड़ने के लिए राज्य सरकार भी अपनी- अपनी कमर कस चुकी है. हर राज्य सरकार अपने प्रदेश में अपनी तरह से काम कर रही हैं. इस समय कोरो’ना के टाइम राजस्थान में भीलवाडा मॉडल काफी चर्चा में बना हुआ है. कोरो’ना जैसी बिमारी से लड़ने के लिए इसको बनाया गया था और आज ये काफी ज्यादा सफल रहा हैं. कुछ दिन पहले इसको लेकर राजस्थान में राजनीति भी होने लगी थी. सोनिया गाँधी ने इसका क्रेडिट राहुल गाँधी को देना चाह था. जिसपर सरपंच किस्मत गुर्जर ने ऐतराज़ जताया था. सरपंच किस्मत गुर्जर ने इस मॉडल को बना कर लोगों को कोरो’ना की लड़ाई से बचाने के लिए उपयोग किया था.

भीलवाडा  मॉडल की देश में काफी तारीफ भी हो रही हैं.  अब सवाल ये उठता है की जब भीलवाडा मॉडल की हर तरफ तारीफ हो रही हैं. तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस मॉडल का उपयोग राजस्थान के अंदर बाकी इलाकों में क्यों नहीं कर रहे हैं.? राजस्थान में कोरो’ना संक्र’मण के करीब 815 मामले सामने आए हैं और अबतक 3 लोगों की इसकी चपेट में आकर मौ’त भी हो चुकी है. प्रदेश में सबसे ज्यादा के’स राजधानी जयपुर के रामगंज क्षेत्र में सामने आए हैं. जयपुर जिला में 341 लोग कोरो’ना से संक्र’मित हो चुके हैं. इसके अलावा, भरतपुर, टोंक और गुजरात से लगा बांसवाड़ा जिला है, जहां कोरो’ना का संक्र’मण तेजी से बढ़ रहा है.

जब राजस्थान के अंदर कोरो’ना मरीजों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही हैं तो अशोक गहलोत भीलवाड़ा की तरह राजस्थान के दूसरे शहरों में होम टू होम लोगों की स्क्रीनिंग का काम सरकार क्यूं नहीं कर रही है.  देश के कई राज्यों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जांच करने के लिए जाने पर मारपीट के मामले सामने आए थे, जिसकी वजह से राजस्थान के रामगंज की घनी आबादी वाले इलाके में भी स्वास्थ्य कर्मचारी जाने से डर रहे थे. इसके चलते वहां होम टू होम स्क्रीनिंग नहीं हो सकी. अगर डॉक्टर और मेडिकल डिपार्टमेंट के साथ ऐसा सलूक हो रहा है तो राजस्थान सरकार को उन लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाएं और भीलवाडा मॉडल को अपना कर कोरो’ना महा’संक’ट से प्रदेश को निजात दिलाएं.

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