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क्या आपको पता हैं – IPL टीम के मालिक कैसे कमाते हैं पैसे?

जब आईपीएल चलता है तो बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी फिल्मों की डेट पोस्टपोंड कर दी जाती है, क्योंकि जब एंटरटेनमेंट की बात आती है तो आईपीएल सबसे ऊपर आता है. आईपीएल हर साल अप्रैल और मई में खेला जाता है, जिसमें हर एक टीम इंडिया की किसी स्टेट या सिटी को रिप्रेजेंट करती है. टीम के मालिक हर साल करोड़ों रुपए खर्च करते हैं खिलाड़ियों को खरीदने के लिए, जिससे उनकी टीम अच्छा परफॉर्म कर सके और उनकी टीम आईपीएल ट्रॉफी जीत सके. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आईपीएल को जीतने वाली टीम को सिर्फ 15 करोड़ ही मिलते हैं तो वह इतने सारे पैसे कहां से रिकवर कर पाते हैं.

हम देखते हैं कि आईपीएल के समय टेलीविजन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बहुत सी एडवरटाइजमेंट्स आती हैं, जिसमें कई फेमस आईपीएल खिलाड़ियों को दिखाया जाता है. टीम के मालिक खिलाड़ियों को दूसरी कंपनियों की एडवर्टाइजमेंट या प्रमोशन के लिए बेच सकते हैं. एडवर्टाइजमेंट वाली कंपनी से जो पैसा मिलता है वह खिलाड़ियों को नहीं बल्कि टीम के मालिकों को मिलता है, जिनके लिए वह खिलाड़ी खेल रहे होते हैं.

ब्रॉडकास्टिंग में टीवी चैनलों और ऑनलाइन चैनलों को आईपीएल की लाइव स्ट्रीम करने के लिए आईपीएल के राइट्स खरीदने पड़ते हैं. उसके बदले में वह बीसीसीआई को पैसे देते हैं. जब आईपीएल शुरू हुई थी. तब सोनी ने आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट 10 साल के लिए खरीद लिया था. सोनी ने आईपीएल के राइट्स 4000 करोड़ रूपये से खरीदे थे. अब क्योंकि आईपीएल को 10 साल पूरे हो गए हैं और अब आईपीएल का सीजन 11 चल रहा था, तो इसके बाद ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को स्टार इंडिया ने खरीद लिया है. आईपीएल के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को स्टार इंडिया ने 16350 करोड रुपए में खरीद लिया है और यह सारा पैसा सभी टीम के मालिकों के बीच बांट दिया जाता है.

स्पॉन्सरशिप कई तरह की होती है. जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी उस समय आईपीएल का नाम था डीएलएफ आईपीएल था. उसके बाद आईपीएल का नाम हो गया पेप्सी आईपीएल. उसके बाद आईपीएल का नाम हो गया विवो आईपीएल. विवो ने आईपीएल की 2018 से लेकर 2022 तक आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप खरीद ली है. विवो ने टाइटल स्पॉन्सरशिप को 2199 करोड रुपए के लिए खरीद लिया है. आईपीएल के मैदान पर कई तरह की स्पोंसर चीजें देखने को मिलती हैं. जैसे कि बैट, टी-शर्ट, स्टांप, अंपायर और हेलमेट इन सब से भी आईपीएल टीम के मालिक अच्छा खासा पैसा कमा लेते हैं.

जितने भी छोटे स्पॉन्सर्स होते हैं वह इस कैटेगरी में आते हैं. जैसे कि टिकट सेलिंग, लोकल स्पॉन्सरशिप और प्राइज मनी. टिकट सेलिंग से होने वाले फायदे को टीम और आईपीएल के ऑर्गेनाइजर्स के बीच बांट दिया जाता है. प्राइज मनी में जीतने वाली टीम को 15 करोड दिए जाते हैं. इन पैसों का 50% हिस्सा टीम के खिलाड़ियों को मिल जाता है और बाकी का 50% हिस्सा टीम के मालिकों को मिल जाता है.

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