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पढ़ाई करने भारत आया था ये विदेशी, बन गया टीम इंडिया का बड़ा क्रिकेटर

नब्बे के दशक में क्रिकेट जगत का एक ऐसा सितारा जिनका जन्म वेस्टइंडीज में हुआ, जिनका नाम है रॉबिन सिंह. रॉबिन सिंह का नब्बे के दशक में टीम में वोही स्थान था, जो आज हार्दिक पांड्या का है. रॉबिन सिंह उस समय टीम के फास्ट गेंदबाज़ थे. आज हम आपको बताने वाले हैं कि रॉबिन सिंह भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा कैसे बने.

रॉबिन सिंह का क्रिकेट में आना एक कहानी जैसा है. रॉबिन सिंह इंडिया तो आये थे पढ़ने के लिए , रॉबिन सिंह का जन्म वेस्टइंडीज़ के ट्रिनिडाड में हुआ है. इनका पूरा नाम रविंद्र रामनारायण सिंह है। रॉबिन सिंह वेस्टइंडीज में स्कूल और क्लब लेवल पर क्रिकेट खेलते थे परंतु टीम इंडिया के बेहतरीन क्रिकेटर बन गए. भारत के हैदराबाद ब्लूज टीम ने एक बार वेस्टइंडीज क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने के लिए गई थी. वेस्टइंडीज के ट्रिनिडाड और हैदराबाद के बीच मुकाबला हुआ था. इस मैच में ट्रिनिडाड की ओर से रॉबिन सिंह भी खेल रहे थे.

रॉबिन सिंह के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद हैदराबाद के एक सदस्य अकब इब्राहिम ने रॉबिन सिंह को भारत आने का न्योता दिया था. इसके बाद 19 वर्ष की उम्र में रॉबिन सिंह पहली बार मद्रास आये थे. मद्रास आकर रॉबिन ने यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास से इकोनॉमिक्स विषय में अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाई. ये पढ़ाई के साथ साथ क्रिकेट भी खेलने लगे. रोबिन सिंह के बेहतरीन प्रदर्शन और क्रिकेट को लेकर प्यार ने इनको हमेशा के लिए भारत का बना दिया.

1989 में भारत की नागरिकता मिलने के बाद इनका वेस्टइंडीज दौरे के लिए चुना गया.रॉबिन सिंह उस वक्त के बेहतरीन फील्डर हुआ करते थे. इन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच अपने जन्मभूमि वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की ओर से खेला था. उस वक्त बेहतरीन प्रदर्शन न कर पाने के कारण फिर 7 साल बाद इन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से खेलने को मिला और 2001 तक लगातार भारत की ओर से खेलते रहे.

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