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IAS इंटरव्यू: ‘हिंदू या मुस्लिम में किसे करोगे सपोर्ट?’ का ऐसा जवाब देकर लड़की हुई सेलेक्ट

UPSC परीक्षा से तो लगभग हर कोई बखूबी वाकिफ़ होता हैं। हर साल कई लोग कड़ी मेहनत से इस परीक्षा की तैयारी करते हैं ,लाखों लोग यह परीक्षा देते हैं जिनमे कई लोग प्री और मेंस पैटर्न को पार कर के निकल जाते हैं , पर आखिर में जो कि इंटरव्यू राउंड होता हैं उसमे बहुत कम लोग ही सफल हो पाते हैं । यह इंटरव्यू राउंड में अधिकारी परीक्षा के उमीदवार से अलग अलग तरह के सवाल करके उनकी परख करते हैं । इंटरव्यू में कुछ सवाल ऐसे भी पूछे जाते हैं जो कि सिचुएशन पर आधारित होते हैं । आज हम आपको एक ऐसे इंटरव्यू के बारे में बताने जा रहे हैं जंहा एक लड़की ने हिंदू मुस्लिम को लेकर पूछे गए सवाल का बहतरीन जवाब से इंटरव्यू को क्रैक कर लिया।

हम बात कर रहे हैं साल 2017 की upsc परीक्षा में 350 वी रैंक लाने वाली साक्षी गर्ग के बारे में जिन्होंने इंटरव्यू में जबर्दस्त जवाब से अधिकारियों का दिल जीत लिया, साक्षी वर्तमान में इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) में असिस्टेंट कमीशनर हैं।

दरअसल इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी ने साक्षी से सवाल पूछा कि-‘ मान लो आप यूपी के किसी जिले की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बन जाती हैं. अब एक दिन आपके पास हिंदू समाज आता हैं और बोलता हैं कि हमें रामनवमी के दिन जुलुस निकलना हैं. और फिर अगले दिन मुस्लिम समाज आता हैं और वो भी उसी दिन, उसी समय और उसी रूट पर ताजिया निकलने की परमिशन मांगता हैं.’ ऐसे में आप क्या करेंगी?

तब साक्षी ने भी इस सवाल का बहुत अच्छा जवाब देते हुए कहा कि- ‘मैं दोनों दलों की भावनाओं का सम्मान करती हूँ क्योंकि ये दोनों ही अपने समाज का प्रतिनिधत्व कर रहे हैं’। साक्षी बोली कि मैं ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वह दोनों गुटों के लीडर से बात करेंगी । जिससे दोनों पक्षों कि भावनाओ को कोई ठेस न पहुचें ।

इस जवाब पर अधिकारी ने एक और सवाल पूछ लिया कि अगर दोनों दल एक ही समय पर जुलुस निकालने के लिए अड़ जाए तो आप क्या करेंगी? इस पर साक्षी ने कहा राज्य की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट होने के नाते मेरे पास अधिकार हैं कि मैं उन दोनों ही दलों को जुलुस निकालने से मना भी कर सकती हूँ।

अधिकारी साक्षी के दिए गए जवाबों से कोई न कोई सवाल निकाल कर पूछने लगे कि मान लो की अगर लीडर विधायक का भाई निकला तब फिर वो क्या करेंगी , लेकिन इस सवाल पर भी साक्षी ने कहा कि मेरा डिसीजन सेम रहेगा।

आखरी में इंटरव्यू ले रहे अधिकारी ने बोला की अगर मंडल आयुक्त में आपसे 10 साल सीनियर कमिश्नर हैं और अगर वह आपसे कहे की किसी एक दल को परमिशन दे दो तब आप क्या करेंगी क्यूकी अगर आप अपने सीनियर को मना करती हैं तो इससे आपकी नौकरी भी जा सकती हैं , तब इस सवाल पर साक्षी कहती हैं कि मैं अपने सीनियर से विनती करूंगी की वह मुझे ये बात रिटेन फॉर्मेंमेट में दे ताकि अगर मेरे परमिशन देने से आगे जाके कोई भी दंगे हुए तो मैं उसकी ज़िम्मेदार नहीं होंगी।

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