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कोरोना वायरस से ठीक हुए लोगों का खून इस वेबसाईट पर बिक रहा महंगे दामों पर, ये है वजह

कोरो’ना वायरस म’हामा’री ने आज देश को झकझोर कर रख दिया है. कोरो’ना की वजब से देश में हजारों की तदात में मरीज बढ़ गए हैं. कोरो’ना वायरस की आड़ में डार्क वेब ने कई ऐसी चीज़े बेचना शूरु कर दिया है जो गैर’कानू’नी भी है.

कोरो’ना वायरस महा’मारी ने डार्क वेब पर कुछ ऐसी चीजों की बिक्री शुरू करा दी है जो वहां कभी नहीं होती थी. वहां वायरस डिटेक्‍टर्स से लेकर कोरो’ना वायरस की ‘वैक्‍सीन’ तक बेची जा रही है. यही नहीं, चोरी-छिपे गैरकानूनी तरीके से रिकवर हो चुके पेशेंट्स का खून बेचा जा रहा है. Agartha नाम की एक डार्क वेब मार्केट पर ‘कोरोना वायरस के खिला’फ इम्‍युनिटी के लिए रिकवर्ड पेशेंट्स का प्‍लाज्‍मा’ लिस्‍टेड है. इसके सेलर ने 25ml प्‍लाज्‍मा से शुरुआत की थी. फिर 50ml, 100ml, 500ml के पैकेट्स भी लिस्‍ट किए. अब वह 2.036 बिटक्‍वाइंस (10.86 लाख रुपये) में एक लिटर खू’न बेचने का दावा कर रहा है.

कोरो’ना वायरस जैसी महामारी के बीच प्लाज्मा थेरेपी एक उम्‍मीद बनकर उभरी है. रिर्सर्चर्स को भरोसा है कि COVID-19 से ठीक हो चुके मरीजों के प्‍लाज्‍मा से बाकी मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है. जिस मरीज को एक बार कोरोना का संक्रमण हो जाता है, वह जब ठीक होता है तो उसके शरीर में एंटीबॉडी डिवेलप होती है.

यह एंटीबॉडी उसको ठीक होने में मदद करते हैं. ऐसा व्यक्ति रक्तदान करता है. उसके खून में से प्लाज्मा निकाला जाता है और प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी जब किसी दूसरे मरीज में डाला जाता है तो बीमार मरीज में यह एंटीबॉडी पहुंच जाता है, जो उसे ठीक होने में मदद करता है.  एक शख्स से निकाले गए बीच की मदद से दो लोगों का इलाज संभव बताया जाता है. कोरो’ना नेगेटिव आने के दो हफ्ते बाद वह प्लाज्मा डोनेट कर सकता है.

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