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कोरोना वायरस पर चीन की साइंटिस्ट ने किया दावा, कहा चुप नहीं रहती तो…

कोरोना वायरस का ख’तरा अभी भी दुनियाभर में हाहा’कार मचाये हुए है. जिसकी वजह से लाखों की संख्या में लोगो की मौ’त हो गयी है. वही कई लोग अभी भी इस म’हामारी के सं’क्रमण में है. वही दुनियाभर में कोरोना का क’हर बरसाने के बाद भी चीन अपनी ह’रकतों से बा’ज नहीं आ रहा है. साथ ही चीन के दुनिया भर में कोरोना वायरस को फ़ैलाने को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है.

दरअसल चीन की साइंटिस्ट डॉ. ली मेंग यान ने खुलासा करते हुए कहा है कि सुपरवाइजर ने उनकी रिसर्च को भी नजरअंदाज कर दिया जिससे लोगों की जिंदगी बच सकती थी. उन्होंने बताया कि कैंपस से निकलते वक्त उन्होंने बेहद सावधानी बरती ताकि सेंसर और कैमरों की नजर से बच सकें, क्योंकि उन्हें ड’र था कि अगर पकड़ी गईं तो जेल में डाली जा सकती हैं या फिर उन्हें ‘गायब’ भी किया जा सकता है.

इसके अलावा बताया कि अगर वे कोरोना से जुड़ी सच्चाई चीन में बतातीं तो उन्हें गायब करके मा’र दिया जाता. यान ने दावा किया कि वे दुनिया के चुनिं’दा साइंटिस्ट में शामिल थीं जिन्होंने सबसे पहले कोरोना वायरस पर स्टडी की. उन्होंने कहा कि चीन ने दिसंबर 2019 में हॉन्ग कॉन्ग के एक्सपर्ट को भी कोरोना पर रिसर्च करने से रो’क दिया था. इसके बाद उन्होंने अपने जानने वालों से कोरोना की जानकारी जुटाई थी और जब कोरोना का ख’तरा बढ़ता जा रहा था तब भी हमे बोलने नहीं दिया गया था. साथ ही सुपर’वाइजर ने उन्हें भी चुप रहने को कहा. उन्हें गायब करा दिए जाने की चे’तावनी भी मिली.

जाहिर है कोरोना वायरस का ख’तरा दुनियाभर में फ़ैलाने में सबसे बड़ा हाथ चीन का ही है. जिसने वक्त पर न तो इससे सम्बं’धित जानकारी किसी को दी और न ही इसे रोकने के लिए क’ड़े कदम उठाये जिसका नतीजा ये है कि आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जू’झ रही है.

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