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डिजिटल वर्ल्ड का बॉस बनना चाहता था चीन, लेकिन अमेरिका ने दिया ऐसा झटका कि टूट गया चीन का सपना

चीन की महत्वकांक्षा इतनी है कि न सिर्फ वो दूसरों की जमीन कब्जाना चाहता है बल्कि वो दुनिया की अर्थव्यवस्था और डिजिटल वर्ल्ड का भी बॉस बनना चाहता है. लेकिन अमेरिका ने उसे ऐसा झटका दिय कि चीन का सपना चकनाचूर हो गया. चीन की हरकतों को देखे हुए दुनिया ने उससे किनारा करना शुरू कर दिया है और अब चीन को अपनी हरकतों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है.

मामला ये है कि चीन ने 5G टेक्नोलॉजी में महारत तो हासिल कर ली. लेकिन उस तकनीक का बॉस बनने के लिए उसे सेमीकंडक्टर की जरूरत है. चीन अभी तक सेमीकंडक्टर बनाने में महारत हासिल नहीं कर सका है. ऐसा नहीं है कि उसने कोशिश नहीं की लेकिन उसकी तकनीक में कमी है. ऐसे में सेमीकंडक्टर के लिए अब तक चीन अमेरिका और यूरोपीय देशों पर निर्भर था. सेमीकंडक्‍टर के जरुरी कच्‍चे माल पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का पूरा नियंत्रण है. चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते बिगड़े तो अमेरिका ने अपनी ताकत का इस्तेमाल किया और दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनी ताइवान की टीएसएमसी को चीनी कंपनी हुवावे से ऑर्डर लेना बंद करना पड़ा है. हुवावे के जरिये ही चीन डिजिटल वर्ल्ड का बॉस बनना चाहता है.

अब बिना चिप के हुवावे कोई काम नहीं कर पा रही.  हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी टेलिकॉम उपकरण निर्माता और दूसरी सबसे बड़ी स्‍मार्टफोन निर्माता कंपनी है. हुवावे अपने चिप के लिए ताइवानी कंपनी पर बुरी तरह से निर्भर थी. अब चीन खुद सेमीकंडक्टर बना नहीं पा रहा और उसे कहीं और से सेमीकंडक्टर मिल नहीं पा रहा. और इस तरह से 2023 तक डिजिटल दुनिया का बॉस बनने का जिनपिंग का सपना चकनाचूर हो गया है.

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