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तो इस वजह से ब्राजील के राष्ट्रपति ने हनुमान और संजीवनी बूटी से की भारत के मदद की तुलना

दुनियाभर में जहां को’रोना अपना क’हर बरसा रहा है. वही दूसरी तरफ दो देशो के बीच संबंध और मजबूत हो रहे है. दरअसल इस सं’कट के समय में जहाँ ज्यादातर देश को’रोना जैसी भ’यंकर महा’मारी से जूझ रहे है वही ब्रा’जील और भारत के रिश्तों में और मजबूती देखने को मिल रही है. भारत के द्वारा ब्राजील की मदद किये जाने के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चि’ट्ठी लिखी है, जिसमें भारत की मदद की तुलना हनुमान की लाई गई संजीवनी से की थी. दरअसल ब्राजील को हा’इड्रॉक्सी’क्लोरो’क्वीन दवाई की जरूरत थी. जिसके लिए उन्होंने भारत से मदद मांगी.

जिसके बाद राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो की चि’ट्ठी में लिखी भारत की हनुमान जी की लायी हुई संजीवनी से तुलना पर ब्राजील के राजदूत एंड्रे अरान्हा कॉरे डो लागो से बात की. जिसमें उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने भारत को फोन करने का नि’र्णय इसलिए लिए क्यूंकि राष्ट्रपति के भारत दौरे के बाद से दोनों देशो के रिश्ते और मजबूत हो गए है और राष्ट्रपति यह बताना चाहते थे कि भारत ने जो मदद की है वो कितनी जरुरी थी. ब्राजील को उस मदद की कितनी आवश्यकता थी.

इसके अलावा एंड्रे अरान्हा कॉरे डो लागो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो धा’र्मिक प्र’वर्ती के है और जब वो भारत दौरे पर आये थे तबसे उन्हें भारत से लगाव हो गया है.  गौरतलब है भारत के द्वारा सं’कट के समय में की गयी मदद से ही पता चलता है भारत अपने रि’श्तो को निभाने के लिए कितना आगे है. साथ ही इतना भी मुश्कि’ल का व’क्त हो भारत कंधे से कन्धा मिलकर चलने वालो में से है और जरूरत पड़ने पर मदद करता है. जिसका उदाहरण ब्राजील और ब्राजील के राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो की मदद के बाद भारत को लिखी चि’ट्ठी से ही पता चलता है.

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