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मोदी सरकार के मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक, चीनी कंपनी Huawei पर गाज गिराने की तैयारी

59 चीनी ऐप्स को बैन करने के बाद अब मशहूर चीनी कंपनी हुआवे (Huawei) पर गाज गिराने की तैयारी हो गई है. हुआवे भारत में 5G सेवाओं की एक प्रमुख दावेदार है. पिछले साल हुआवे को 5G ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी गई थी. लेकिन अब बदले माहौल में भारत सरकार इस पर फिर से विचार कर रही है. क्योंकि भारत ने चीनी कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट देने और चीनी सामानों के बहिष्कार की मुहीम तेज हो गई है. इसी बात को लेकर सोमवार को मोदी सरकार के मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद , विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल बैठक में शामिल हुए.

सूत्रों के हवाले से खबर है इस बैठक में 5G को लेकर चर्चा हुई. इस मीटिंग के क्या नतीजे निकले ये तो अब तक नहीं पता चल सका है लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि 5G की नीलामी एक साल तक के लिए टाल दी गई है. इस नीलामी के लिए हुआवे सबसे प्रमुख दावेदार थी. भारत में सुरक्षा कारणों से हुवै को लेकर चिंता जताई गई है.  भारतीय टेलिकॉम का सालाना बाज़ार 12,000 करोड़ रुपये का है. इसमें से एक-चौथाई पर चीन का कब्‍जा है. बाकी में बाकी में स्‍वीडन की एरिक्‍सन, फिनलैंड की नोकिया और साउथ कोरिया की सैमसंग की हिस्सेदारी है.

दुनिया भर के देशों ने हुआवे खिलाफ मुहीम छेड़ रखी है. बताया जा रहा है कि हुआवे के संस्थापक के चीनी सेना से रिश्ते हैं. ऐसे में तनाव की स्थिति में हुआवे चीन के दुश्मन देशों की जासूसी कर सकता है. डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में हुआवे पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. सिंगापुर में भी 5G की दौड़ से हुआवे बाहर हो चुका है. वहां नोकिया और एरिक्सन को मौका मिला है. ऑस्ट्रेलिया में भी सुरक्षा कारणों की वजह से हुआवे को ट्रायल से बाहर रखा गया था. अब भारत सरकार भी हुआवे को लेकर कड़े कदम उठाने की सोच रही है.

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